लड़कियाँ…

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कमला भसीन यांची एक सुंदर कविता …

 

हवाओं से बन गई है लड़कियाँ

उन्हें बेख़्वाब चलने में मज़ा आता है

उन्हें मंजूर नहीं बेवज़ह रोका जाना

 

परिंदो से बन गयी है लड़कियाँ

उन्हें उड़ने में मज़ा आता है

उन्हें मंजूर नहीं परों का काटा जाना

 

फूलों से बन गई है लड़कियाँ

उन्हें महकने में मज़ा आता है

उन्हें मंजूर नहीं तोड़कर रोंधा जाना

 

पहाड़ोंसी बन गयी है लड़कियाँ

उन्हें सर उठा कर जीने में मज़ा आता हैं

उन्हें मंजूर नहीं सर झुकाकर जीना

 

और सूरज सी बन गयी है लड़कियाँ

उन्हें चमकने में मज़ा आता है

उन्हें मंजूर नहीं हर वक्त परदों से ढकाना

 

– कमला भसीन

 

 

 

http://www.dailymotion.com/video/x2p1cjx_ladkiyaan-a-beautiful-poem-kamla-bhasin-s-tribute-to-the-south-asian-girls_fun

 

 

 

Image Courtesy http://www.wakingtimes.com

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